इसके पीछे भी एक रोचक घटना है।
एक बार की बात है। कपिराज केसरी कहीं बाहर गए हुए थे। माता अंजना भी बालक हनुमान को पालने में लिटाकर वन में फल-फूल लेने चली गई थीं। बालक हनुमान जी को भूख लगी, माता अंजना की अनुपस्थिति में ये क्रंदन करने लगे। सहसा इनकी दृष्टि उगते हुए सूर्य भगवान पर गई। हनुमान जी ने सूर्य को कोई लाल मीठा फल समझकर छलांग लगाई ।


0 Comments
If u have any dought plez tell me in comment box