मानव शरीर



The human body is a complex, highly organized structure made up of unique cells that work together to accomplish the specific functions necessary for sustaining life. Anatomy is organized by levels, from the smallest components of cells to the largest organs and their relationships to other organs.






A bone is a rigid tissue that constitutes part of the vertebrate skeleton in animals. Bones protect the various organs of the body, produce red and white blood cells, store minerals, provide structure and support for the body, and enable mobility.

हड्डी


1.   मानव शरीर के सभी अंग एक दूसरे को सपोर्ट करते हैं। इनसान के शरीर की सभी 206 हड्डियों की अपनी कहानी होती है। हड्डियों के कारण ही मनुष्य का शरीर खड़ा हो पाता है। इसलिए शरीर के अन्य अंगों की तुलना में हड्डियों का बहुत महत्व होता है।

2.   रीढ की हड्डी इनसानी शरीर की सबसे महत्वपूर्ण होती है। यह पूरे शरीर का भार वहन करती है। रीढ़ का ल्युम्बर रीजन इसके नीचे से शुरू होता है। इसमें पांच वेर्टेब्रा होते हैं। पांचवां वेर्टेब्रा सैक्रल वेर्टेब्रा के पहले वेर्टेब्रा के ऊपर होता है।

3.   मध्य कान में स्टेपीज, मानव शरीर की सबसे छोटी और हल्की हड्डी होती है। इसकी लंबाई लगभग 11 इंच (28 से.मी.) होती है।

4. एक वयस्क व्यक्ति के शरीर में 206 हड्डियां होती हैं। जबकि बच्चे के शरीर में 300 हड्डियां होती हैं। जैसे-जैसे बच्चे की उम्र बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे उनमें से कुछ गल जाती हैं और कुछ आपस में मिल जाती हैं।

5.  दो हड्डियां मिलने या कनेक्ट होने वाली जगह को जोड़ कहते हैं। स्नायुबंधन अर्थात लिगमेंट सख्त रेशेदार संयोजी ऊतक के बैंड होते हैं, जो जोड़ बनाने के लिए एक हड्डी को दूसरे से जोड़ने का काम करते हैं। कुछ जोड़ चल होते हैं, तो कुछ अचल। खोपड़ी में मौजूद जोड़ चल नहीं सकते हैं।

6.  मानव पैर में 26 हड्डियों होती हैं। और कलाई सहित मनुष्य के हाथ में कुल 54 हड्डियां होती हैं। फीमर, या जांघ की हड्डी मानव कंकाल की सबसे लंबी और सबसे मजबूत हड्डी होती है। महिलाओं में यौवन के दौरान हड्डियों की लंबाई बढ़ना रुक जाती है। हालांकि बाद के जीवन में हड्डियों की ताकत और घनत्व बदल जाती है।

7.  बाजू की हड्डियां सबसे अधिक टूटती है। वयस्कों में टूटने वाली हड्डियों में लगभग आधी बार ये हड्डियां ही टूटती हैं। जबकि बच्चों में सबसे अधिक टूटने वली हड्डी कॉलरबोन होती है।

8.  इनसान के शरीर में जबड़े की हड्डी बड़ी मजबूत होती है। यह लगभग 280 किलो वजन भी सहन कर सकती है। दुर्घटनाओं में भी आमतौर पर जबड़े की हड्डी सबसे कम टूटती है। मनुष्य की जांघों की हड्डियां कंक्रीट से भी ज्यादा मजबूत होती हैं। मानव शरीर की सबसे बड़ी और मजबूत हड्डी फीमर होती है। यह हड्डी जांघ में होती है।

9.   मानव शरीर में एक ही ऐसी हड्डी है जो किसी दूसरी हड्डी से जुड़ी नहीं होती। हायोइड नाम की वी (V) के आकार की यह हड्डी जीभ के आधार पर स्थित होती है।

10.  क्या कभी आपने यह जानने की कोशिश की है कि इनसानी हड्डियां किस चीज से बनी होती हैं। आपको बता दें कि हड्डियां कैल्शियम फास्फोरस, सोडियम, और अन्य खनिजों तथा प्रोटीन कोलेजन के रूप में बनी होती हैं।










The brain is one of the largest and most complex organs in the human body. It is made up of more than 100 billion nerves that communicate in trillions of connections called synapses. The brain is made up of many specialized areas that work together: • The cortex is the outermost layer of brain cells.


दिमाग


1.   जब आप जाग रहे होते है तब आपका दिमाग 10 से 23 वाट तक की बिजली उर्जा छोड़ता है जो कि एक बिजली के बल्ब को भी चला सकती है।

2.  मनुष्य के दिमाग में दर्द की कोई भी नस नही होती इसलिए वह कोई दर्द नही महसूस नही करता।

3.  हमारा दिमाग 75% से ज्यादा पानी से बना होता है।

4.  आपका दिमाग 5 साल की उम्र तक 95% बढ़ता है और 18 तक पहुँचते-पहुँचते 100% विकसित हो जाता है ओर उसके बाद बढ़ना रूक जाता है।

5.  एक गर्भवती महिला के दिमाग के न्युरॉनज़ की गिणती 2,50,000 न्युरॅान प्रति मिनट के हिसाब से बढ़ती है।

6. आप अपने दिमाग में न्युरॉनज़ की गिणती दिमागी क्रियाएँ करके बढ़ा सकते हैं क्योंकि शरीर के जिस भी भाग की हम ज्यादा उपयोग करते है वह और विकसित होता जाता है।

7.  पढ़ने और बोलने से बच्चों का दिमागी विकास ज्यादा होता है।

8. जब आप एक आदमी का चेहरा गौर से देखते है तो आप अपने दिमाग का दायां भाग उपयोग करते है।

9. आपके दिमाग की Right side आपकी body के left side को जबकि दिमाग की left side आपकी body के Right side को कंट्रोल करती है।

10. जो बच्चे पाँच साल का होने से पहले दो भाषाएँ सीखते है उनके दिमाग की संरचना थोड़ी सी बदल जाती है।

11. आप के दिमाग में हर दिन औसतन 60,000 विचार आते हैं।

12. हँसते समय हमारे दिमाग के लगभग 5 हिस्से एक साथ कार्य करते हैं।

13. दिमाग का आकार और वजन दिमागी शक्ती पर कोई प्रभाव नही डालता । Albert Einstein के दिमाग का वजन 1230 ग्राम था जो कि सामान्य मनुष्य से कहीं कम था।

14.  एक जिन्दा दिमाग बहुत नर्म होता है और इसे चाकु से आसानी से काटा जा सकता है।

15.  दिमाग में 1,00,000 मील लंम्बी रक्त वाहिकाएँ होती हैं।

16.  दिमाग को 4 से 6 मिनट तक ऑक्सीजन न मिलने पर भी यह रह सकता है पर 5 मे 10 मिनट तक न मिलने पर brain damage पक्की है।

17.  मनुष्य का दिमाग का वजन लगभग 1500 ग्राम तक होता है।

18.  हमारे दिमाग में न्युरॅान की गिणती 100 अरब ( जितने आकाशगंगा में तारे होते है) होते हैं और हर न्युरॅान में 1,000 से 10,000 synopses होते है।

19.  वैज्ञानिक मानते हैं कि ब्रह्माण्ड में सबसे जटिल और रहस्मई चीज मनुष्य का दिमाग है।

20. मानव दिमाग के अंदर एक सैकेंड में 1 लाख रसायनिक प्रतिक्रियायें होती हैं।

21.  दिमाग शरीर का सबसे ज्यादा चर्बी वाला अंग है।

22. दिमाग शरीर का लगभग 2% है परन्तु यह कुल ऑक्सीजन का 20% खपत करता है और खून भी 20% उपयोग करता हैं।

23.  जब मनुष्य दो साल का होता है तो उसके दिमाग में किसी और समय के इलावा Brains cells की गिणती सबसे ज्यादा होती है।

24. दिमाग के बारे में सबसे पहला उल्लेख 6000 साल पहले सुमेर से मिलता है।

25.  सोधो से पता चला है कि पुरूषों और महिलायों के दिमाग की संरचना भिन्न होती है।

26. अगर हमारी चमड़ी और मेहदे की तरह हमारे दिमाग के cell भी बदल जाए तो हम अपनी याददाशत गवा सकते हैं।

27. मनुष्य दिन की अपेक्षा रात को ज्यादा बढ़ते हैं। यह दिमाग के एक छोटे से भाग pituiary ग्रंथी के कारण होती है जो रात को सोते समय एक बढ़ने वाला हारमोन छोड़ती है।

28.  बजन के लिहाज से अब तक सबसे भारी दिमाग एक रूसी लेखक ‘Ivan turgenew’ का था। उसके दिमाग का वजन लगभग 2.5 किलो था और उसकी मृत्यु 1883 में हुई थी।

29.  दिमाग में 40% भाग का रंग grey है और 60% भाग का रंग सफेद है। grey भाग में न्युरॉन होते है जो संचार का काम करता हैं।

30.   30 साल की आयु के बाद हमारा दिमाग सुकड़ने लगता है।

31.  अगर शरीर के आकार को ध्यान में रखा जाए तो मनुष्य का दिमाग सभी प्रणीयों से बड़ा हैं। हाथी के दिमाग का आकार उसके शरीर के मुकाबले सिर्फ 0।15% होती है जबकि मनुष्य का 2 प्रतीशत।

32. मानव का दिमाग computer से भी ज्यादा तेज प्रतिक्रिया करता है।

33. आपका अवचेतन मन(दिमाग) आपके चेतन मन से 30,000 गुना शक्तिशाली होता है।

34. मनुष्य के दिमाग की left side बोलने को कंटरोल करती है और पंक्षियों के दिमाग की left side उनकी चहचहाना कंटरोल करती है।




The tongue is a muscular organ in the mouth of a typical vertebrate. It manipulates food for mastication and swallowing as part of the digestive process, and is the primary organ of taste. The tongue's upper surface (dorsum) is covered by taste buds housed in numerous lingual papillae.

जीभ

जीभ हमारे मुंह का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है लेकिन हम लोग दांत की तुलना में इसपर बहुत कम ध्यान दे पाते है। इसका सबसे बड़ा कारण जानकारी का अभाव। जीभ से जुड़ी बहुत सी ऐसी बातें है जिनसे हम अनजान हैं। आइए इस स्लाइड शो के जरिए जाने जीभ से जुड़े तथ्य जो आपको चौंका देगें।

विशेषज्ञों ने सबसे लंबी जीभ लगभग 3.86 इंच लंबी और लगभग 3.1 इंच चौड़ी बताई। पुरुषों की तुलना में महिलाओं की जीभ की लंबाई कम होती है। महिलाओं में सबसे लम्बी जीभ लगभग 2.76 इंच लंबी हैं।

क्या आप जीभ से जुड़े इस तथ्य से वाकिफ है कि जीभ आपकी बॉडी में सबसे मजबूत मसल्स है और साथ ही यह बहुत लचीली भी है। यह अकेली ऐसी मांसपेशी है, जिसमें टेस्ट सेंसर मौजूद है और इस सेंसर में लगभग दस हजार से अधिक स्वाद मौजूद है।

मुंह में मौजूद लगभग 50 प्रतिशत बैक्टीरिया आपकी जीभ पर होते है। इसलिए सांसों में ताजगी को बनाए रखने के लिए जीभ को साफ करना भी बहुत महत्वपूर्ण हैं।

जीभ का ज्यादातर हिस्सा स्केलटल मसल्स टिश्यु से बना होता है। इसलिए क्षतिग्रस्त या घायल होने पर जीभ आपके बॉडी के अन्य हिस्सों की तुलना में ज्यादा तेजी से घाव को भर देती है।

क्या आप जानते है जीभ का ऐसा कौन सा भाग है जो उच्चारण के लिए महत्वपूर्ण होता है। नहीं तो हम आपको बताते है कि आपकी जीभ के सामने का लचीला हिस्सा उचित उच्चारण के लिए बहुत आवश्यक होता है।

जीभ एक सेंस ऑर्गन है जिससे हमें विभिन्न स्वादों के बारे में पता चलता है। क्या आप जानते है कि जीभ से हम पांच विशिष्ट स्वादों का पता लगा सकते हैं जिसमें खट्टा, कड़वा, नमकीन, मिठाई और उमामी शामिल है।

जीभ से जुड़ा एक तथ्य यह भी है कि यह एक प्राकृतिक क्लीनर की तरह काम करता है। जीभ खाने के बाद दांतों में फंसे खाने को बहुत ही आसानी से बाहर निकाल देता है जिससे आपका मुंह साफ रहता हैं।

सभी प्रकार के स्वाद आपकी जीभ पर स्थित नहीं होते। उनमें से लगभग दस प्रतिशत आपके गालों और मुंह के अन्दर ऊपर की तरफ मौजूद होते हैं।

जीभ में मौजूद टेस्ट बड्स बहुत छोटे होते है, लेकिन फिर भी आप इसे खुली आंखों से देख सकते हैं। आपकी जीभ पर मौजूद लिटिल बम्प्स (छोटे धक्कों) टेस्ट बड्स नहीं होते इसे पपिल्लै कहते हैं।


The kidneys are a pair of bean-shaped organs on either side of your spine, below your ribs and behind your belly. Each kidney is about 4 or 5 inches long, roughly the size of a large fist. The kidneys' job is to filter your blood.


किडनी

किडनी से हमारे शरीर के खून को साफ करती है। दिल के द्वारा पम्प किये गये खून का 20 प्रतिशत किडनी में जाता है, यहां से खून साफ होकर वापस शरीर में चला जाता है। किडनी का काम आपके शरीर में नमक और पानी को संतुलन करना होता है। लोगों मे अक्सर किडनी से जुडे कुछ मिथ होते है। जिनके चलते वे ठीक से अपना इलाज नहीं कराते।

प्रोटीन फैट बर्न करने में और मसल्स मेकिंग में हेल्पफुल है। इससे किडनी को किस तरह का खतरा नहीं होता है। 1983 में एक स्टडी में पाया गया था कि ज्यादा प्रोटीन से ब्लड अधिक बनता है इससे ब्लड को फिल्टर करने में किडनी को मेहनत करनी पडती है। लास्ट टू डिकेड्स की स्टडीज से सामने आया है कि प्रोटीनयुक्त डाइट ज्यादा फायदेमंद है और इससे किडनी पर किसी तरह का इफेक्ट नहीं पडता है।

हमारे शरीर में दो किडनी होती है। अगर एक किडनी खराब हो जाए तो भी शरीर ठीक तरह से ही काम करता है। लोगों में ये गलत धारणा होती है कि एक किडनी खराब बो जाने से सेहत पर असर पड़ेगा। हालांकि उसके बाद से आपको अपने शरीर का ध्यान रखना जरूरी होता है।

बियर से किडनी के स्टोन घुल जाते हैं। यह गलत धारणा है बल्कि सच तो यह है कि बियर ऑक्ज्लेट और यूरिक एसिड का बड़ा सोर्स है। इससे किडनी की समस्या बढ़ जाती है।

आमतौर पर लोगों में यह धारणा है कि जितना पानी पीएगें तो उनकी किडनी अच्छी रहेगी जबकि ऐसा नहीं है। जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी किडनी पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। किडनी की बीमारी से बचने के लिए लोगों के तरल भोजन को वरीयता देनी चाहिए।

य़े धारणा गलत है,दोनो किडनी खराब होती है।जब दोनो किडनी खराब हो जाए, तब शरीर का अनावश्यक कचरा जो किडनी द्वारा साफ होता है, शरीर से नहीं निकलता।

ये एक गलत धारणा है, एक जैसी रचना और समान ब्लड ग्रुप वाले स्त्री-पुरूष एक दूसरे को किडनी दे सकते है ।

नहीं, सामान्यत: शुगर, हाइपरटेंशन और पेशाब में यूरीन की कमी वालों के शरीर में सूजन आ जाती है लेकिन सभी किडनी के मरीजों में ये लक्षण दिखे, ऐसा जरूरी नहीं होता है। किडनी फेल्योर के मरीजों में भी सूजन देखने को मिलती है।


Hair is made of a tough protein called keratin. A hair follicle anchors each hair into the skin. ... In the hair bulb, living cells divide and grow to build the hair shaft. Blood vessels nourish the cells in the hair bulb, and deliver hormones that modify hair growth and structure at different times of life.

बाल

खूबसूरती और सेहत का पैमाना होते हैं आपके बाल। घने और मजबूत बाल किसे अच्छे नहीं लगते। लेकिन, दिन भर जिन बालों में आप उंगलियां फिराते रहते हैं, उनके बारे में कितना जानते हैं आप। हमारे बाल भले ही बहुत महीन हों, लेकिन इनमें काफी बड़े और गहरे रहस्य छिपे होते हैं।

क्या आप जानते हैं किर रोजाना आपके बाल किस गति से बढ़ते हैं। आमतौर पर हमारे बालों की लंबाई रोजाना 0.3 से 0.5 मिमी बढ़ जाती है। वहीं महीने भर में ये लगभग 1 से 1.5 सेमी तक लंबे हो जाते हैं। और साल भर में ये 6 इंच यानी करीब 15 सेमी तक बढ़ जाते हैं।

एक स्कैल्प में लगभग 1,00,000 बाल होते हैं। जिनके बालों का टैक्सचर लाल होता है उनके हर स्कैल्प में लगभग 80 हजार बाल होते हैं। वहीं, सुनहरे बाल वाले व्यक्तियों के बाल सबसे घने यानी हर स्कैल्प में करीब 1,20,000 बाल होते है।

बॉडी में बोन मैरो के बाद बाल सबसे तेजी से बढ़ने वाले टिश्यु है। इसलिए हैरान होने की जरूरत नहीं है अगर आपके हेयर स्टाइलिस्ट आपको हर छह हफ्ते के बाद बाल ट्रिम करने के लिए कहते हैं तो।

स्कैल्प से प्रतिदिन 100 बालों को गिरना सामान्य बात है। लेकिन कई बार दवाओं, थायराइड असंतुलन और आयरन की कमी के कारण बाल ज्यादा गिरने लगते हैं। किसी को भी स्पष्ट होने से इससे पहले सिर के 50% बाल गिर जाते हैं।

50 साल की उम्र के बाद लगभग 50 प्रतिशत पुरूष को बालों के झड़ने की समस्या और 40 प्रतिशत महिलाओं को रजोनिवृति के बाद बालों के झड़ने की समस्या हो सकती हैं।

क्या आप जानते हैं कि हमारे सभी बाल एक साथ नहीं बढ़ते। कुछ बाल आराम करने वाले होते हैं। बढ़ते के समय स्कैल्प के 90% बाल बढ़ते हैं और 10% आराम करते हैं।

सर्दी में हमारे बालों के बढ़ने की रफ्तार कम होती है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि हमारे बाल गर्म मौसम में तेजी से बढ़ते है क्योंकि यह मौसम बालों के विकास को बढ़ावा देता हैं।

एक बाल 100 ग्राम वजन का भार झेल सकता है। इस लिहाज से देखा जाए तो आपके सिर पर मौजूद सभी बाल मिलकर दो हाथियों के भार जितना वजन झेल सकते हैं।



A nose is a protuberance in vertebrates that houses the nostrils, or nares, which receive and expel air for respiration alongside the mouth. Behind the nose are the olfactory mucosa and the sinuses.

नाक

एक खुशबू जहां हमारे तन-मन को खुशनुमा बना देती है, वहीं एक दुर्गंध सारा दिन खराब करने के लिए काफी होती है। गंध किसी व्यक्ति और वस्तु की पहचान भी हो सकती है। और इस गंध की इस दुनिया से हमारा वास्ता कराती है हमारी नाक। नाक को कहावतों में इज्जत और मान से भी जोड़कर देखा जाता है। लेकिन, हमारे चेहरे का नक्शा बनाती -बिगाड़ती इस नाक के बारे में आप कितना जानते हैं। चलिए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसी बातें जो शायद आपने पहले न सुनी हों-

फिंगरप्रिंट की तरह हमारी स्मैलप्रिंट भी अलग होती है। कोई दो व्यक्ति किसी एक चीज की समान गंध नहीं ले सकते। हर व्यक्ति की नाक में एक ब्लाइंड सैंट स्पॉट होता है, जिससे वह उस चीज की गंध लेता है।

अभी तक हम यही मानते हैं कि डर को महसूस किया जा सकता है, लेकिन क्या आपको मालूम है कि डर की भी अपनी गंध होती है। जिसे आपकी नाक सूंघ सकती है। इतना ही नहीं आपकी नाक खुशी और कामोत्तेजना की गंध को भी महसूस कर सकती हैं।


कई बार मजाक में महिलाओं को तेज नाक वाली कहा जाता है, लेकिन वैज्ञानिक रूप से भी ऐसा ही होता है। महिलाओं की सूंघने की क्षमता पुरुषों के मुकाबले काफी तेज होती है।

नाक से हम सूंघ सकते है यह तो सभी जानते हैं लेकिन क्या आप नाक से जुड़े इस सच को जानते है कि आप की नाक लगभग पचास हजार किस्म की गंध को सूंघ सकते है।

क्या आप जानते है कि खुशबू का असर आपके मूड पर भी पड़ता है। एक अच्छी गंध आपके मूड पर सुखद और सकारात्मक प्रभाव डालती है। इससे आपका मन शांत होता है और आपको सुकून मिलता है।

संगीत के पूरे खजाने का आधार सात सुर हैं उसी तरह हजारों किस्म की गंधों में सात ही बुनियादी गंध होती हैं। मस्की (कस्तूरी जैसी), बदबूदार, तीखी, कर्परी (कपूर जैसी), हल्की, फूलदार और मिन्टी।

आप को लगता है कि आप अपनी नाक से सूंघते हैं लेकिन जो हम आपको बताएंगें उसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते कि आप वास्तव में अपनी नाक से नहीं बल्कि अपने दिमाग से सूंघते हैं, नाक तो केवल जरिया है।

गर्भावस्था में महिलाओं में भोजन को लेकर अजीब सी लालसा गंध के प्रति अलग से अनुभव के कारण होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गर्भावस्था के दौरान आपकी नाक अतिसंवेदनशील हो जाती है और स्वाद को लेकर एक अजीब सी भावना विकसित होने लगती है।

क्या आप नाक से जुड़ी इस बात का जानते है कि जिस समय महिलाएं आव्युलेट होती है उस गंध को पुरुष महसूस कर लेते है।


A nail is a claw-like keratinous plate at the tip of the fingers and toes in most primates. Nails correspond to claws found in other animals. Fingernails and toenails are made of a tough protective protein called alpha-keratin which is a polymer and found in the hooves, hair, claws and horns of vertebrates.


नाखून

नाखून भी मानव शरीर का प्रमुख अंग है। महिलाओं की खूबसूरती में चार चांद लगाने में नाखूनों की अहम भूमिका होती है। नाखूनों से जुड़ी सबसे बड़ी बात यह होती है कि ये व्यक्ति स्वास्थ्य की जानकारी इनके रंग के आधार पर हो सकती है। इसके अलावा नाखूनों से जुड़े कई तथ्य और भी हैं जिनके बारे में आप शायद अनजान हैं। आगे के स्लाइडशो में नाखूनों से जुड़े तथ्यों के बारे में जानिये।

यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलाइना ने 2009 में अपने एक अध्ययन में पाया कि व्यक्ति के नाखून 3.55 मिमी प्रतिमाह बढ़ते हैं। हालांकि 1938 में नाखूनों के बढ़ने की दर प्रति माह 3 मिमी और पचास के दशक में 3.06 मिमी थी। प्रोटीन और अन्य पौष्टिक तत्वों से भरपूर आहार के सेवन के कारण नाखूनों के बढ़ने की दर भी बढ़ी है। ऐसा इसलिए भी हुआ क्योंकि शरीर में वृद्धि के साथ साथ अंगुलियां बड़ी होने लगीं और इस कारण से शरीर का रक्त प्रवाह भी बेहतर हो गया।

व्यक्ति के हाथ और पैरों के नाखूनों में अलग-अलग तरह की वृद्धि देखी जाती है। अंगुलियों की तुलना में पैरों के नाखून धीमी गति से बढ़ते हैं। अंगूठे के नाखून प्रतिमाह करीब 2 मिमी तक बढ़ते हैं।

पुरुषों और महिलाओं के नाखूनों के बढ़ने की गति भी अलग-अलग होती है। पुरुषों की अंगुलियों की तुलना में महिलाओं के नाखूनों की गति धीमी होती है क्योंकि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में अधिक हार्मोंस पाए जाते हैं।

नाखूनों का बढ़ना मौसम पर भी निर्भर करता है। नाखून के बढ़ने की गति गर्मी के मौसम अधिक तेज होती है क्योंकि शरीर द्वारा धूप का इस्तेमाल कर विटामिन डी बनाने से बढ़त तेज हो जाती है। जबकि अन्य मौसम में नाखूनों के बढ़ने की गति कम होती है।

शायद आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आपके नाखून भी आपके स्वास्थ्य की सारी पोल खोल देते हैं। आप क्या खाते हैं, कैसा खाते हैं, आपकी सोच और रहन-सहन भी आपके नाखून दर्शाते हैं।

यदि आपके नाखूनों के आस-पास की त्वचा सूख रही है। तो यह आपके शरीर में विटामिन सी, फोलिक एसिड और प्रोटीन की कमी को दर्शाता है।

अगर आपके नाखूनों के बढ़ने की गति धीमी है तो यह बताता है कि आप प्रोटीन की कमी और विटामिन ए की कमी से जूझ रहे हैं। मानसिक अशांति, तनाव, प्रोटीन और जिंक की कमी भी नाखूनों की वृद्धि में बाधक हो सकती है।

कुछ शोधों के में यह बात साबित हुई है कि बीमारियों के हिसाब से नाखूनों का रंग बदलता है। जैसे सफेद रंग के नाखून लीवर से संबंधित बीमारियों यानी हेपेटाइटिस के प्रतीक हो सकते हैं। पीले नाखून फेफड़े संबंधी बीमारियों के दर्शाते हैं, आधे सफेद और आधे गुलाबी नाखून गुर्दे से संबंधित बीमारियों के संकेत देते हैं। अगर नाखून का रंग पीला है या उनकी परत सफेद है तो यह शरीर में खून की कमी का लक्षण है। नाखूनों का पीलापन पीलिया के लक्षण को भी बताता है।

धूम्रपान करना सेहत के लिए हानिकारक तो है ही साथ ही यह नाखूनों के लिए नुकसानदेह है। धूम्रपान करने से भी नाखून पीले हो जाते हैं। अगर आप बहुत ज्यादा धूम्रपान के आदि हो चुके हैं तो, आपके नाखून पीले होने शुरु हो जाएंगे। क्यूटिकल्स नाखूनों के दोनों ओर होते हैं जिसमें गंदगी जम जाती है। यह इतने प्रभावशाली होते हैं कि इसकी वजह से नाखून सड़ जाते हैं, इसलिए समय पर इनको काटते रहें।


Sleep is a naturally recurring state of mind and body, characterized by altered consciousness, relatively inhibited sensory activity, reduced muscle activity and inhibition of nearly all voluntary muscles during rapid eye movement sleep, and reduced interactions with surroundings. 

नींद

सोने से पहले देर तक टीवी देखना भले ही आपके लिए मनोरंजन का सबसे आसान तरीका हो पर इससे आपकी नींद को बहुत नुकसान होता है, ऐसा मानना है जापान के ओसाका विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का। इन्होंने अपने शोध के आधार पर यह माना है कि जो लोग सोने से पहले देर तक टीवी देखते हैं उन्हें अच्छी और गहरी नींद नहीं आती और आगे चलकर उन्हें अनिद्रा की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

ऑफिस में दिन भर कंप्यूटर के सामने बैठने के बाद भी घर जाकर कुछ लोग लैपटॉप खोल ही लेते हैं। लेकिन देर रात तक कंप्यूटर पर काम आंखों, नसों और दिमाग में तनाव पैदा करता है जिससे नींद न आने की दिक्कत हो सकती है।

सोने से पहले खाली समय में कंप्यूटर या मोबाइल पर गेम्स खेलने की आदत कई बार आपकी नींद की दुश्मन हो जाती है। वीडियो गेम्स खेलने के दौरान आपके शरीर में ऊर्जा का प्रवाह तेज होता है और आप हाइपरएक्टिव हो जाते हैं। इससे शरीर का तनाव बढ़ जाता है और नींद नहीं आती।

कुछ लोग समय की कमी के कारण सोने के पहले ही वर्कआउट करते हैं जो उनकी नींद के लिए ठीक नहीं। वर्कआउट करने से मेटॉबॉलिज्म तेज होता है और शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में आप घंटों काम तो कर सकते हैं पर चैन की नींद नहीं पा सकते।

कई बार खाने के बाद या देर रात में कॉफी पीना भी हमारी नींद के लिए फायदेमंद नहीं होता। कॉफी में मोजूद कैफीन आपको छह घंटे से अधिक समय तक जगाए रखता है। यानी अगर कॉफी पीने का शौक भी है तो सोने से छह घंटे पहले कॉफी पिएं न कि देर रात में।

काम का अत्याधिक तनाव भी आपकी नींद छीन सकता है। न सिर्फ नींद छीन सकता है बल्कि आपके लिए कई बीमारियों की जड़ हो सकता है। इसलिए ऑफिस की टेंशन ऑफिस में ही छोड़कर आएं।



The stomach is a muscular organ located on the left side of the upper abdomen. The stomach receives food from the esophagus. As food reaches the end of the esophagus, it enters the stomach through a muscular valve called the lower esophageal sphincter. The stomach secretes acid and enzymes that digest food.

पेट

अगर हम 200 कैलोरी वाले पीनट बटर और स्नैक का सेवन करें तो इससे भूख शांत रहेगी और अगर हम 200 कैलोरी युक्त जल्दी पचने वाले आहार का सेवन करें तो भूख जल्दी लगेगी। वास्तव में कुछ ऐसे आहार होते हैं जो पेट में अधिक देर तक रते हैं और इनके कारण भूख शांत भी रहती है क्योंकि ये आसानी से नहीं पचते हैं। कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार ब्लड शुगर और इंसुलिन को बढ़ा देते हैं जिसके भूख नहीं लगती है।

लोगों को लगता है कि डिनर में जो भी खाते हैं उनका असर वजन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हो सकता है और अगर यही आहार हम दिन में खायें तो वहन नहीं बढ़ता है। जबकि ऐसा नहीं है, हम जितना अधिक कैलोरी लेंगे उसका असर वजन पर पड़ेगा। इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि हम दिन में क्या खाते हैं और रात में क्या खाते हैं।

फाइबर दो प्रकार का होता है - घुलनशील और अघुलनशील। घुलनशील फाइबर के कारण पेट में गैस की समस्या होती है और यह कब्ज का कारण बन सकता है। जई चोकर, सेम, मटर और खट्टे फलों में घुलनशील फाइबर होता है। जबकि अघुलनशील फाइबर वाले आहार के सेवन से पेट में इस तरह की समस्यायें नहीं आती हैं।

लोगों में यह भ्रांति होती है कि पेट को कम करने वाले व्यायाम से पेट का आकार छोटा हो जाता है। वास्तविकता यह है कि पेट कम करने वाले व्यायाम जैसे - क्रंचेज और सिट-अप्स का पेट के आकार पर असर नहीं होता है। इन व्यायाम से आप अपना वजन कम कर सकते हैं लेकिन पेट का आकार नहीं।

ऐसी भ्रांति है कि पतले लोगों का पेट मोटे लोगों की तुलना में छोटा होता है, जबकि वास्तविकता यह है कि पेट का आकार पतले और मोटे लोगों में एक जैसा होता है। पेट के आकार पर अधिक वजन और कम वजन से फर्क नहीं पड़ता।

अगर आप सोचते हैं कि भूखा रहने से आपके पेट का आकार कम हो जायेगा तो आप गलत हैं। युवा होने के बाद आपके पेट का विकास हो जाता है और आजीवन वैसा ही रहता है। कम या अधिक खाने से पेट के आकार पर कोई असर नहीं पड़ता है।

इस बात का भ्रम हमेशा होता है कि पाचन क्रिया हमारे पेट में होती है, बल्कि सच यह है कि पाचन क्रिया का सबसे प्रमुख हिस्सा छोटी आंत में होता है। खाने के बाद पेट इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट देता है और फिर ये छोटे टुकड़े छोटी आंत में जाकर पचते हैं।

लगभग सारी बीमारियां पेट से ही शुरू होती हैं इसलिए पेट का विशेष ध्यान रखना चाहिए। हम जो भी खाते हैं उसका सीधा असर पाचन पर पड़ता है और यह हमारे शरीर को प्रभावित करता है। पेट में दर्द होना, कब्ज और गैस की समस्या पेट से ही संबंधित हैं। हमारे पेट से जुड़े कुछ आश्चर्यजनक तथ्य भी हैं जिनके बारे में शायद आप नहीं जानते हैं।


The lungs absorb oxygen from the air you breathe in and transfer it into your bloodstream so that it can get to every part of your body. As the cells in your body work, they produce a waste gas called carbon dioxide that is released into the bloodstream. Your lungs get rid of this waste gas when you breathe out.

फेफड़ा 

सही फेफड़ों को समायोजित करने में सक्षम है बाएं से ज्यादा हवा

एक वयस्क 23 000 साँस के एक औसत बना देता है और एक दिन साँस

नियमित शराब दुरुपयोग नष्ट कर देता है प्रोटीन है कि फेफड़े के ऊतकों की सुरक्षात्मक समारोह में प्रदर्शन डिजाइन किए हैं. यह विनाश शराबी नरम कहा जाता है .
प्रकाश के नगर में 60 आवास का वर्षों से लोगों को धूल के 16 ग्राम , 0, धातु की 1 ग्राम और हानिकारक रसायनों के 200 ग्राम के साथ निपटने की जरूरत पदार्थों .

रोगियों जो फेफड़ों के कैंसर से मर गया के 95% , सिगरेट 20-40 स्मोक्ड प्रति दिन .

रूस में टीबी से हर साल 000 से अधिक 37 लोगों को मारता है .

एक पदार्थ है कि विरोधी कैंसर प्रभाव के अधिकारी - आइसोथियोसाइनेट .यदि आप सब्जियों कि यह पदार्थ होते हैं (चीनी गोभी , ब्रोकोली) खाना कम से कम एक बार एक हफ्ते , फेफड़ों के कैंसर के खतरे को एक तिहाई से ज्यादा की कमी है !


Crying or weeping is the shedding of tears (or welling of tears in the eyes) in response to an emotional state, pain or a physical irritation of the eye. Emotions that can lead to crying include sadness, anger, and even happiness.

आँसू

लगभग छः माह की उम्र होने तक रोने पर भी बच्चों की आँख से आँसू नहीं निकलते।

च्युइंगगम चबाते-चबाते प्याज काटने से आँख से आँसू नहीं आते ।

रोते वक्त क्यों बहती है नाक? : आंसू बनाने वाला ग्लैंड - लैक्रिमल ग्लैंड आंखों के ऊपरी हिस्से में स्थित होता है। बहुत अधिक आंसू बनने की दशा में ये आंखों से बाहर तो निकलते ही हैं बल्कि श्वास नली में भी चले जाते हैं जिससे नाक बहने लगती है।

प्याज काटते वक्त क्यों आते हैं आंसू : प्याज काटते वक्त इससे निकलने वाला ऑक्साइड लैक्रिमल ग्लैंड को प्रभावित करता है जिससे इस ग्लैंड से आंसू निकलने शुरू हो जाते हैं। यही वजह है प्याज काटते वक्त आंखों में जलन के साथ आंसू निकलते हैं।

महिलाएं औसतन एक बार में कम से कम छह मिनट तक रोती हैं जबकि पुरुषों के लिए आंसू बहने की अवधि आमतौर पर दो से चार मिनट तक होती है।

महिलाओं की आंखों में आंसू एक महीने में करीब 5.3 बार आते हैं जबकि पुरुषों की आंखों से आंसू 1.4 बार गिरते हैं।
पुरुषों से ज्यादा रोती हैं महिलाएं : द टेलीग्राफ में प्रकाशित जर्मन शोध की मानें तो महिलाएं पुरुषों से अधिक रोती हैं। महिलाओं के आंसुओं से संबंधित ग्लैंड पुरुषों से अधिक सक्रिय होते हैं और इनकी बनावट अलग होती है।



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